उच्च शिक्षा के लिये प्रशंसनीय सकारात्मक पहल

सामाजिक चिंतन होली

(4,63,000/- शिक्षा अनुदान अंतर्गत, अभी तक 27 छात्र-छात्रायें हो चुके हैं लाभान्वित) 

” शिक्षा..किसी भी समाज के सर्वांगीण विकास की बुनियाद होती है “ 

समाज की उन्नति एवं सर्वांगीण विकास के लिये, बुनियादी शिक्षा के साथ-साथ, उच्च शिक्षा एवं विषय विशेषज्ञता अतिआवश्यक है । शिक्षा जहाँ समाज की रीढ़ है वहीं, मनुष्य के तीसरे नेत्र के रूप में कार्य करती है । शिक्षा न केवल बुद्धि का परिष्कार करती है, बल्कि व्यक्ति, परिवार, समाज एवं राष्ट्र का सर्वांगीण विकास भी तय करती है । शिक्षा व्यक्ति की सोच को सकारात्मकता प्रदान करती है, जिसके फलस्वरूप उसकी बौद्धिक, तार्किक, व्यापारिक, आर्थिक एवं सामाजिक सहित सर्वांगीण उन्नति के द्वार स्वत: ही खुल जाते है । 

वर्तमान युग प्रतिस्पर्धा का युग माना जाता है, ऐसे में शिक्षा का महत्व और भी बढ़ जाता है । हमारा हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज शिक्षा के क्षेत्र में बेहद पिछड़ा हुआ है, ऐसे में हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज के कुशाग्र बुद्धि वाले, होनहार एवं विषय विशेषज्ञ छात्र-छात्राओं को उच्च-शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक शिक्षा अनुदान दिये जाने की सकारात्मक सोच को दृष्टिगत रखते हुए, वर्ष 2007 में ताम्रकार छात्र कल्याण संस्थान की स्थापना की गई । जिसका विधवत पंजीयन भी कराया गया है । यह संस्थान हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा अध्ययन के लिये आर्थिक शिक्षा ऋण प्रदान करता है । यह राशि ब्याज मुक्त होती है इसे शिक्षा पूर्ण होने पर एकमुश्त अथवा आसान किश्तों में वापिस भी लौटाना होता है । 

 

संस्थान अब तक 25 छात्र छात्राओं को 4 लाख तेंतालीस हज़ार रूपये की राशि स्वीकृत कर प्रदान कर चुका है । 

 

संस्थान ने विगत शैक्षणिक वर्ष में मध्यप्रदेश शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10 वीं में 500 अंकों में से 499 अंक प्राप्त कर प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सागर के आयुष्मान बिमल ताम्रकार के लिये कक्षा 11 एवं 12 के लिये प्रतिमाह 2,000/- के मान से 20 माह के लिये 40,000/- रुपयों की राशि प्रदान की है । ताम्रकार छात्र कल्याण संस्थान का पंजीयन क्रमांक :- 04/14/9886/07 है । संस्थान का अपना एक पंजीकृत कार्यालय :- 15, भवानी भवन, 1356-राईट टाऊन, जबलपुर मध्यप्रदेश है । 

 

संस्थान के मुख्य लक्ष्यों में से प्रमुख इस प्रकार हैं 

1 : प्रत्येक हैहयवंशीय क्षत्रिय परिवार से न्यूनतम एक सदस्य उच्च शिक्षा/विषय विशेषज्ञता प्राप्त कर, वैज्ञानिक, जज, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डॉक्टर, प्रोफेसर आदि बने । 

2 : समाज मे उच्च शिक्षित लोग होने से आर्थिक संपन्नता बढ़े । 

3 : समाज में ही उच्च शिक्षित जीवन साथी की तलाश पूर्ण हो । 

4 : उच्च शिक्षित माता पिता अपनी संतानों को भी उच्च शिक्षित बनायें । 

 

हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज की आर्थिक संपन्नता एवं सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ कार्यरत ताम्रकार छात्र कल्याण  संस्थान की स्थापना मूलतः हैहयवंशीय क्षत्रिय ताम्रकार (कसेरा) संगठन मध्यप्रदेश की सर्वसम्मति से ही हुई थी । तथापि यह संस्थान स्वतंत्र रूप से मध्यप्रदेश में ही कार्यरत है । संस्थान द्वारा समय समय पर स्वाजातीय सार्वजनिक आयोजनों में आर्थिक रूप से सम्पन्न स्वाजातीय बंधुओं से संस्थान के  सहयोग के लिये आह्वान भी किया जाता रहा है । 

आप भी अपने माता-पिता की स्मृति अथवा बच्चों के जन्म दिवस/विवाह आदि विशिष्ट अवसरों को यादगार बनाने के लिये संस्थान को अपना आर्थिक अनुदान भेज सकते हैं । संस्थान के कार्यकारिणी सदस्य प्रतिवर्ष निश्चित सदस्यता राशि के साथ साथ आवश्यकता अनुरूप सहयोग राशि दान करते हैं । आप भी इस पुण्य कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें । 

विनम्र निवेदन :

संस्थान कार्यकारिणी की अनुशंसा से विगत वर्षों में शिक्षा ऋण प्राप्त कर उच्च शिक्षा पूर्ण  करने वाले छात्र-छात्राओं उनके माता-पिता से विनम्र आग्रह है कि, वह अपना अपना शिक्षा ऋण संस्थान को वापिस लौटाने की कृपा करें । आपके द्वारा ऋण राशि वापिस किये जाने पर संस्थान, आप ही की तरह अन्य स्वाजातीय छात्र-छात्राओं को लाभ पहुंचा सके । वर्तमान में आप क्या कर रहे हैं संस्थान को यह जानकारी भी सादर प्रदान करें । 

नोट :-आप अपना सहयोग अनुदान संस्थान को इस खाते में जमा कर सकते हैं ।

खाता नाम : ताम्रकार छात्र कल्याण संस्थान 
बैंक का नाम : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 
शाखा नाम : मिलौनीगंज जबलपुर म.प्र. 
खाता क्रमांक :- 30300792172 
IFSC कोड : SBIN 0001507 

 

प्रस्तुति : 

मुरारीलाल ताम्रकार  9329774943

प्रदीप वर्मा (हैहयवंशीय)