जिंदगी रंग बसंत

रंग बसंत सामाजिक चिंतन

जिंदगी कई रंगों से सजी होती है इसीलिए जिंदगी कहलाती है । माघ माह का पांचवा दिन बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है और बसंत भारतीय मौसम में सबसे ज्यादा खुशनुमा मौसम माना जाता है । यह मौसम न सिर्फ खेत खलिहानों में तेजस्विता लाता है बल्कि मानवीय जीवन मे प्रेम का अंकुरण भी करता है । आम के पेड़ों पर मांजर आने लगते हैं खेतों में सरसों के पौधे खिलने लगते हैं, फूलों की बहार आती है जो रंगबिरंगी तितलियों और भवरों को आकर्षित करती है । यही हाल मनुष्य के मन का भी होने लगता है, मनुष्य भी बौराने लगता है, प्रेम में डूबने को आतुर मनुष्य मौसम के सौंदर्य को देख लालायित हो जाता है ।

ज्ञान और वाग्मिता की देवी माँ सरस्वती का पूजन

बसंत में ज्ञान और वाग्मिता की देवी माँ सरस्वती का पूजन भी किया जाता है । ज्ञान भावनाओं पर नियंत्रण रखता है और समृद्धि और उपलब्धियों की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है । मध्यप्रदेश के धार जिले में माँ सरस्वती का प्राचीनतम मंदिर है जो राजा भोज ने बनवाया था । इसे भोजशाला भी कहा जाता है । मुगलों ने जिस तरह हिन्दू मंदिरों को नष्ट किया और उनके स्थान पर मस्जिदें और ईदगाह बनाई वही दुष्कार्य भोजशाला में भी हुआ । हिन्दू संगठनों द्वारा संघर्ष का परिणाम है कि बसंत पंचमी को पूजन की व्यवस्था हो पाई है ।

बसंत प्रेम का त्यहार 

बसंत प्रेम का त्यहार भी है, इसीलिए बसंत पंचमी पर विवाहों का शुभारंभ होता है, जिनके विवाह के कोई मुहर्त न हों वे भी बसंत पंचमी पर विवाह कर सकते हैं ऐसा माना जाता है । बसंत पँचमी सबसे शुभ दिनों में एक है। बसंत पंचमी पर भगवान विष्णु की भी पूजा की जाती है । लेकिन भारतीय संस्कृति विविधताओं से भरी है यहां आध्यात्म के साथ प्रेम भी पूजा जाता है । इस दिन प्रेम के देवता कामदेव का पूजन भी किया जाता है ताकि मनुष्य अपने जीवन मे प्रेम प्राप्त कर सके और अपने परिवार को पूर्ण कर सके ।

कामदेव को भारतीय संस्कृति में सर्वशक्तिमान देवता

कामदेव को भारतीय संस्कृति में सर्वशक्तिमान देवता भी माना गया है । प्रेम और काम पूर्ति का आशीर्वाद देने वाले कामदेव के पुष्प बाणों से देवों के देव महादेव, आदियोगी शिव भी नही बच सकते हैं । सभी देवताओं के रक्षा कवच का विवरण पुराणों में है लेकिन कामदेव से रक्षा का कोई कवच उपलब्ध नही है । योगी, महर्षि देवता और मानव बिना कामदेव की कृपा के अपना जीवन लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकते ।

बसंत का अनूठा संबंध वीरता से

बसंत का एक अनूठा संबंध वीरता से है । शाहिद भगतसिंह जब फांसी पर चढ़ने जा रहे थे तब उनके लबों पर “मेरा रंग दे बसंती चौला” गीत ही था जो हर वीर के लहू को गर्म कर सकता है । स्वतंत्रता संग्राम के हजारों वीर वीरता के बसंती रंग से अपने जीवन को रंग कर देश पर न्योछावर हो गए थे ।

सकारात्मकता और पुरुषार्थ 

बसंत का आगमन मनुष्य के जीवन मे बर्फीली सर्दी के बाद गुनगुनी धूप के समान तेजस्विता, स्फूर्ति, सकारात्मकता और पुरुषार्थ ले कर आता है । खेतों में किसान नई फसलों का स्वागत करने को आतुर रहते हैं जो देश की आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देता है साथ ही ग्रामीण भारत मे संपन्नता का नया दौर आरम्भ करता है इसी वजह से लोग उत्साहपूर्वक जीवन को उत्साह के रंग से भर कर आने शुभ प्रसंगों का स्वागत करने हेतु प्रेरित होते हैं ।

प्रदीप वर्मा (हैहयवंशीय)
Latest posts by प्रदीप वर्मा (हैहयवंशीय) (see all)

1 thought on “जिंदगी रंग बसंत

  1. अति सुंदर, संपादक मंडल को बहुत बहुत बहुत बधाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *