मूर्ख व्यक्ति की विध्वंसक शक्तियां

रंग बसंत सामाजिक चिंतन

यह लेख विश्वप्रसिद्ध लेखक “Carlo M Cipolla” की पुस्तक “The Basic Laws of Human Stupidity” मे दिए गये सिद्धांतों पर आधारित है | इसका समाज के किसी व्यक्ति से कोई सरोकार नहीं है, अगर ऐसा लगता है तो यह महज एक संयोग ही होगा |

मूर्खता करने वालों को कम न आंकें

समझदार लोगों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे मूर्खों की विध्वंसकारी शक्तियों को बहुत कमतर आंकते हैं जिसका परिणाम यह होता है कि समझदारों को बहुत सामाजिक, आर्थिक, व्यक्तिगत हानि उठाना पड़ती है । मूर्खों को कम मत आंकिये, उनसे बच कर रहिये । कोई भी समाज मूर्खों और उनकी उपलब्धियों से अछूता नहीं है । जीवन के हर क्षेत्र में मूर्खों की उपस्थिति दृश्यमान है । आप मूर्खों से दूर रहना चाहते हों लेकिन उनकी मूर्खता आपको अप्रभावित रहने नही दे सकती । भांतिभांति के मूर्ख और उनके किस्से समाज मे चर्चित रहते हैं । समाज मे ही क्यों पूरे देश मे आपको ऐसे लोग मिल जाएंगे ।

मूर्ख कौन हैं कितने प्रकार के हैं 

मूर्ख सिर्फ मूर्ख होता है, उसका एक ही सार्वभौम प्रकार है “द्वितीयोनास्ति” फिर भी मूर्खता के स्तर पर आप पूर्ण मूर्ख, आंशिक मूर्ख जैसे प्रकार मान सकते हैं । लेकिन इससे बड़ा प्रश्न यह है कि हम मूर्ख व्यक्ति को पहचानें कैसे और ये कितने खतरनाक या नुकसानदेह हैं यह पहचाने कैसे? आइये समझने का प्रयास करें:

डकैत कैसे काम करते हैं यह जानकर आप मूर्खों को आसानी से समझ सकते हैं ।

डकैत के बारे में सुना ही होगा, एक ऐसा व्यक्ति जो आपको लूटता है, आर्थिक हानि पहुंचता है ताकि आपकी संपत्ति हथिया सके । आपका नुकसान डकैत का फायदा यही उसका सिद्धांत होता है । उदाहरण केलिये एक डकैत आपको रास्ते मे पकड़ता है आपके पास एक लाख रुपये और पांच लाख का सामान है, वो आपसे सारा सामान और पैसा ले जाता है । आपका छह लाख का नुकसान हुआ और जितना आपने गवाया उतना पूरा का पूरा उस डकैत को प्राप्त हो गया । तो डकैत वह व्यक्ति है जो आपको नुकसान पहुँचाता है, और आपको पंहुंचाये नुकसान के बराबर उसका फायदा होता है । आपके  नुकसान के बराबर उसका फायदा ही डकैती का नियम है ।

मूर्ख खतरनाक होते हैं 

एक मूर्ख सबसे खतरनाक किस्म का व्यक्ति होता है, एक मूर्ख किसी डाकू से भी ज्यादा खतरनाक व्यक्ति हो सकता है 

उद्देश्य: खुद का नुकसान कर के भी आपका नुकसान करना

जी हां एक मूर्ख कोई नादान व्यक्ति हो ऐसा नही है, समझदार दिखने वाला व्यक्ति जिसका उद्देश्य आपका नुकसान करना और हानि पहुंचाना ही हो चाहे इसमें उसका फायदा न हो वह मूर्ख होता है । या यूं कहें मूर्ख व्यक्ति का उद्देश्य आपके कार्यों में बाधा डालना, आपके सम्मान को क्षति पहुंचना, आपको आर्थिक, सामाजिक या व्यक्तिगत हानि पहुंचाने होता है । इसमें उसको कोई आर्थिक, सामाजिक या व्यक्तिगत लाभ न हो तब भी । उदाहरण केलिये आप कोई सामाजिक कार्य कर रहे हैं, उस कार्य मे आपने समय और धन का व्यय किया, आप चाहते हैं कार्य पूर्णता को प्राप्त हो और आपका उद्देश्य पूर्ण हो, लेकिन कोई मूर्ख व्यक्ति है वह आपके कार्यक्रम का दुष्प्रचार करता है, आपको अपमानित करता है ताकि आप असफल हो जाएं ।

आपका पैसे खराब होगा, आपका समय बर्बाद होगा और संभवतः आपका सम्मान भी क्षतिग्रस्त होगा यह आपका नुकसान है लेकिन इसमें उस व्यक्ति को क्या प्राप्त हुआ? न सम्मान मिला, न धन प्राप्त हुआ और न कोई सामाजिक उद्देश्य पूर्ण किया!  लेकिन उसने यह कार्य किया ताकि आपको नुकसान पहुंचे, यह एक पूर्ण मूर्ख व्यक्ति की पहचान है । वह बिना अपने फायदे को प्राप्त किये दूसरे को पूर्ण नुकसान पहुंचाता है । यह खतरनाक स्थिति होती है ।

मूर्खों की संख्या भी कम नहीं 

हर व्यक्ति हमेशा ही सामाजिक जीवन मे सक्रिय मूर्खों की संख्या को कम समझने की गलती करते हैं | हमारे चारों तरफ बहुत से ऐसे व्यक्ति मिल जाएंगे जो निःसंदेश मूर्खों की श्रेणी मे रखे जा सकते हैं लेकिन  रिश्तेदारी, मित्रता, समवेदनाओं, आर्थिक और सामाजिक स्थिति के विभिन्न कारणों से हम उनके मूर्ख होने को नजरंदाज कर देते हैं | यह एक सामूहिक भूल होती है | इस दुनिया मे हमने बहुत बड़े बड़े पदों पर विराजमान लोग देखें हैं जिनकी मूर्खता विश्वप्रसिद्ध रही और जिनके कारनामे दुनिया भर को संकट मे डालने वाले रहे | राजनीति, समाजसेव, व्यापार, व्यवसाय कोई भी क्षेत्र इन मूर्खों से अछूता नहीं है लेकिन जितना घातक असर इनका सामज को हुआ है उतना किसी और क्षेत्र को नहीं | मूर्खों के कारनामों की वजह से बहुत से समझदार लोग समाजसेवा से दूर हो जाते हैं |

मूर्खों को कमतर आँकने की भूल 

सामान्य व्यक्ति एक मूर्ख की नुकसान पहुँचने की शक्ति को हमेशा कम आँकते हैं | सामान्यत: हम यह भूल जाते हैं की “समय और स्थान” के परे एक मूर्ख व्यक्ति से जुड़ना, उसके साथ व्यवहार करना हमेशा ही घातक होता है | सामान्यतः समझदार लोग इस प्रकार के मूर्खों की इस विध्वंसक शक्ति को नज़रंदाज़ करने की भूल करते हैं । आप यह सोच सकते हैं कि आपको नुकसान पहुंचा के उसे क्या मिलेगा? यही आपकी भूल है, मूर्ख क्या मिलेगा के बारे में सोचता नही है, वह यह देखता है कि आपको कितना नुकसान होगा!

समझदारी इसी मे है की मूर्खों से बचा जाए 

आप मूर्खों को परास्त नहीं कर सकते, आप उनसे लड़ेंगे तो खुदका ही नुकसान करेंगे | आप उनसे बहस मे जीत नहीं सकते क्यूंकी वे तार्किक आधार पर बात नहीं करेंगे, वे ऐसी बात करेंगे की आप उन्हे जवाब नहीं दे सकते, वे अपनी मूर्खताओं से खुद को सर्वश्रेष्ठ और सर्वज्ञ सिद्ध करेंगे और जब आप उन्हे सत्य से साक्षात्कार करेंगे तो वे आपके तथ्यों को सुनेंगे भी नहीं अपनी ही लकीर पीटते रहेंगे | क्या आप इतने सहनशील हो कि एक मूर्ख को संतुष्ट कर सको अगर आप ऐसा समझते हैं तो इसका अर्थ है अभी तक अपने किसी मूर्ख से बहस नहीं की है और आप बचे हुए हैं | अगर आप बचे हुए हैं तो इसी मे भलाई है की बचे हुए रहने का प्रयास किया जाए, हालांकि यह संभव नहीं है, कोई न कोई मूर्ख आपकी नीरस जिंदगी  मे हलचल पैदा करने हेतु आसपास ही घूम रहा होगा |

प्रदीप वर्मा (हैहयवंशीय)

2 thoughts on “मूर्ख व्यक्ति की विध्वंसक शक्तियां

  1. सुन्दर लेख! भगवान सबको बचाये मूर्खों से!

  2. बहुत बढ़िया, शुभकामनाएं 

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