युवाओं की अपेक्षाएं

दयाशीलता विशेषांक सामाजिक चिंतन

आज के समय में कसेरा समाज में वैवाहिक स्थिति बहुत ही खराब है । नौजवान युवक एवं युवतियां अच्छे रिश्तो की तलाश में, जीवन के बहुमूल्य समय को खो रहे हैं। इस और ध्यान देने की बहुत जरूरत है इसको लेकर कोई योजना बनाई जाए। 

समाज के सभी वर्गों से चाहे वृद्ध हो या युवा इन सभी से परस्पर वार्तालाप करने की कोई योजना विमर्श,,द्वारा प्रस्तुत की जाए। यह समाज की इस वक्त दुखती रग की तरह है। इस दुखती रग को अगर पकड़ कर चले तो विमर्श को पढ़ने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। 

दूसरी बात आज के समय में कसेरा समाज के युवा धन संबंधित बातों में भी बहुत पीछे हैं हमारा समाज ऐसे युवा जो कि पढ़े-लिखे या अनपढ़ हैं और कोई धंधा बिजनेस या नौकरी में बहुत पीछे हैं समाज के धनाढ्य वर्ग उन्हें आगे लाने का कोई प्रयास करें। इस बात पर कोई विचार कर उस पर जोर दिया जाये कुछ योजना लाई जाए, कुछ लोगों को समर्पण करना पड़े और इस योजना में युवाओं को शामिल किया जाए जब आप किसी को कुछ देंगे तभी आपको कुछ मिलेगा । 

तीसरी बात विमर्श ज्यादा से ज्यादा लोग पढ़ें इसके लिए उसमे जो लेख लिखे गए हैं, उनकी सशक्त पाठ्य सामग्री की कुछ लाइनो जो की दमदार शब्दावली से लिखी हो सहित व्हाट्सएप पर सभी लोगों को इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि वह लोग इन लाइनों को पढ़ने के बाद विमर्श की वेबसाइट खोलने पर मजबूर हो और जब एक बार वह इसमें इंटर हो, तो बाहर निकलने का उनका मन ना करें |

थोड़ा-सा विमर्श के लेख बोल्ड होना चाहिए। 

धन्यवाद

आपका मित्र संजय कसेरा, इंदौर 

संजय (आशीष) कसेरा
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