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रक्षा बन्धनः श्रवण नक्षत्र बिन बंधेगा इस बार रक्षा सूत्र

सत्य सनातन वैदिक हिन्दू धर्म  मे बहन-भाई के  पबित्र त्यौहार रक्षा बन्धन का बडा ही महत्व है इस पवित्र दिन की प्रतीक्षा बहने साबन मास के  आरम्भ होते ही करना आरम्भ कर देती है इस दिन बहनो  द्वारा अपने भाईयो तथा अशक्त लोगो द्वारा शक्तिशाली लोगो से अपनी रक्षार्थ कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधने की परम्परा पौराणिक काल से रही हैं !

हिन्दू धर्म मे रक्षा सूत्र बन्धन के पर्व का बडा ही महात्म है जिसे वे इस पर्व को अनादि काल से मनाते चले आ रहे है, मान्यताओ के अनुसार  रक्षा सूत्र बाँधने बाले की  रक्षा सुरक्षा का दायित्व रक्षा सूत्र बंधवाने वाले को निर्वहन करना पडता है! सर्व प्रथम धन की देबी लक्ष्मी जी ने दैत्यराज बलि को रक्षा सूत्र बांधा था !  सुदर्शन चक्राबतारी सहस्रार्जुन जी को कद्रू पुत्र कर्कोटय नागो ने धनुष की प्रत्यन्चा (डोरी)  से रक्षा सूत्र बांधा था!  युधिष्ठिर ने श्री कृष्ण जी को,  द्रौपदी ने श्री कृष्ण जी को,  सूर्पनखा ने राबण को , यबन लुटेरा सिकन्दर की पत्नी ने अपने पति की रक्षार्थ हिन्दू सम्राट पौरस महान को रक्षा सूत्र (राखी) बाँध कर अपने अभीष्ट की रक्षा की! 

रक्षा सूत्र बाँधते समय बहने उक्त मन्त्र का उच्चारण करें…. 

येन वद्धो वळि राजा दानवेन्द्रो महावलः! 
तेन् त्वामनि वध्नामि रक्षेः मा चल,  मा चलः!! 

रक्षाबंधन: इस बार कब बंधेगी राखी? क्या है शुभ मुहूर्त, क्या है भद्रा की स्थिति?

श्रावण लगते ही इस शुभ दिन का विशेष कर वहनो को प्रतीक्षा आरम्भ हो जाती है….वर्ष 2021 में रक्षाबंधन का शुभ दिन कब आ रहा है आइए जानते  हैं…. इस वर्ष राखी का पर्व 22 अगस्त, रविवार को पडेगा!  इस वार श्रावण मास की  पूर्णिमाँ  पर पडने वाले नक्षत्र श्रवण तथा गर नाम का करण नही पडेगा यहां तक कि चन्द्रमा  भी मकर राशि  मे न रह कर कुँभ राशि मे रहेगे! पहले  भी ऐसा योग 2015  मे श्रवण नक्षत्र विहीन रक्षा बन्धन पर्व पडा था तथा आगे 2022  मे भी श्रवण नक्षत्र विहीन रक्षा बन्धन पर्व पडेगा! 

इस वार पूर्णिमा 22 तिथि दिन रविवार को है जबकि पूर्णिमा तिथि एक दिन पूर्व शनिवार को सांयकाल 07:00  वजे से आरम्भ हो रही है जो  अगले दिवस सूर्योदय काल से सांयकाल 05:31पर्यन्त तक रहेगी ! और इसी दिन  शनिवार को श्रवण नक्षत्र सांयकाल 08:20  पर समापन होकर धनिष्ठा मे प्रवेश करेगा| रविवार को सूर्योदय कालिक पूर्णिमा के कारण रक्षा पर्व रविवार को ही मनाना शास्त्र सम्मत प्रशस्त माना गया है! इस दिन रविवार को शोभन योग पर रहा है  जो सूर्योदय से 04 घण्टे 21  मिनट  अर्थात्  प्रातः 10:38  तक रहेगा  !

भद्रा योग नही है रक्षा पर्व पर? 

इसबार रक्षा वन्धन पर्व पर भद्रा काल  एक दिन पूर्व शनिवार को सांयकाल 07:00  वजे से आरम्भ होकर रविवार प्रातः 06:16  तक रहेगा !वही  इसदिन सूर्योदय प्रातः 06:17  पर होगा ! इसलिये  रविवार को सूर्योदय उपरान्त ही रक्षा वन्धन पर्व मनाया जायेगा! इस दिन सूर्योदय पूर्व राखी वांधना अमान्य  रहेगा! इस दिन राहू काल सांयकाल 04:30  से से  सांयकाल 06:00  वजे तक रहेगा, इसलिए रक्षा वन्धन पर्व सूर्योदय से सांयकाल 04:30  तक वडे ही धूमधाम  और उल्लासपूर्वक मनाया जायेगा ! 

राखी वांधी जा सकेगी 

रक्षा बंधन 2021 कब है राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

शुभ समय: – 22 अगस्त, रविवार प्रातः 06:17  से सांयकाल 04:30 तक रहेगा! 

फिर भी शुभ मुहूर्त की बात करें तो…

  • प्रातः 09:00 से दोपहर 12:00 बजे तक लाभ व अमृत वेला रहेगी,
  • तदुपरांत काल वेला 12:00 वजे से आरम्भ होकर लगभग 01:30  तक रहेगी इस दौरान राखी वांधना व यात्रा का  आरम्भ करना  प्रशस्त नही  रहेगा!  
  • तदुपरांत 01:30  से 03:00  वजे का शुभ वेला भी वहुत  शुभ तथा प्रशस्त  मानी  गयी हैं 
  • बाकी  के समय सांय 04:30 तक का  समय सामान्य तथा अधम माना गया है!
  • 04:30  वजे के वाद राहुकाल के कारण रक्षा सूत्र वन्धन निषेध रहेगा! 

जो बहने  किसी कारण अपने  भाईयो को रक्षा सूत्र नही  बांध पायें  वे बहनें भगवान कृष्ण जी के सामने भोजन का भोग लगाकर श्री कृष्ण जी को  या अपने  आराध्य देव को भी रक्षा सूत्र वांघ सकती हैं  ! इस दिन आप जो भी मनोकामना लेकर कृष्ण जी या अपने आराध्य देव के सामने राखी का त्योहार मनाएंगे वो सभी पूरी होंगी !

आचार्य बिनोद शास्त्री 

( प्रश्न एंव खगोलशास्त्री) 
श्री कार्त्तवीर्य नक्षत्र ज्योतिष संस्थान्, 
श्री राजराजेश्वर कार्त्तवीर्य सहस्रार्जुन मन्दिर. हाथरस!

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इस लेख के रचनाकार से मिलिये

आचार्य श्री विनोद शास्त्री

श्री कार्त्तवीर्य नक्षत्र ज्योतिष संस्थान्, (प्रश्न एंव खगोल शास्त्री)
श्री कार्त्तवीर्य नक्षत्र ज्योतिष संस्थान् हाथरस!
राष्ट्रीय धर्म प्रचारक
श्री अखण्ड हैहयवंशी क्षत्रिय विकास समिति (रजि), भारत!
हाथरस, फोन: 8445603326

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