डिजिटल विमर्श
Home » लेख » स्तम्भ » बात छोटी अर्थ गहरे » विचारों से आगे

विचारों से आगे

विचार किसी भी कार्य का आरम्भ है, जैसे किसी आलीशान भवन की नींव के पत्थर, नींव जितनी मजबूत होगी, भवन की उम्र उतनी ज्यादा, उसी तरह हमारे विचार जितने परिष्कृत होंगे हमारे कार्यों की सफलता उतनी ही सुनिश्चित होगी।

प्रदीप

टेक्स्ट की साइज़ सेट करें

इस लेख के रचनाकार से मिलिये

प्रदीप वर्मा (हैहयवंशीय)

मास्टर इन कम्प्युटर एप्लिकेशन (MCA), मास्टर इन हिन्दी लिट्रेचर (MA, साहित्य), पी॰एस॰एम॰ (scrum॰org, यूएस), बेचलर ऑफ लॉं (LLB ऑनर), बेचलर ऑफ कॉमर्स, एम.एस.पी.सी.ए.डी.

हमारा धर्म हमारी संस्कृति

टेक्स्ट की साइज़ सेट करें