संपादकीय: समाज की आकांक्षा

संपादकीय

संपादकीय: समाज की आकांक्षाएं

सबसे बड़ा संघर्ष अपनो के साथ ही होता है । वैचारिक मतभेद की स्थिति अक्सर समूहों में होती ही है । यह संभव ही नही की हर व्यक्ति किसी विषय पर एकमत हों । मनुष्य को ईश्वर ने मस्तिष्क दिया है और जैसे हर व्यक्ति के उंगलियों के निशान अलग होते हैं, जैसे आंखों की पुतलियां भिन्न होती हैं वैसे ही मस्तिष्क की संरचना भी भिन्न होती है । प्रत्येक मनुष्य के सोचने समझने की प्रक्रिया अलग अलग होती है । हमारी सोचने की शक्ति पर कई बातों का असर पड़ता है जैसे हमारे संपर्क, हमारी शिक्षा, सामाजिक स्तर, पारिवारिक वातावरण, हमारा काम और मित्र । इसी वजह से एक पिता की संतानों में भी सोचने की भिन्नता होती है और सभी किसी एक विषय पर भिन्न भिन्न राय रख सकते हैं । अतः जब सामाजिक विषयों पर बात हो और किसी का मत आपके मत या समूह के मत से भिन्न हो तो हमे उसके मत को मात्र मतभेद समझना चाहिए न कि उसे मनभेद मान कर शत्रु समझ लेना । जब किसी विषय पर मतभेद होते हैं तब ही विचार विमर्श की आवश्यकता होती है । अगर विचारभिन्नता न हो तो विकास भी नही होगा, किसी अच्छे काम मे भी कमी होती ही है, इसलिए जिनके विचार आपसे अलग हैं उनके विचारों का भी यथोचित सम्मान होना चाहिए तभी समाज उन्नति कर सकता है और अपनी कमियों को दूर कर सकता है ।

विमर्श के प्रथम अंक के प्रकाशन पर हमे बहुत उत्साहवर्धक प्रतिक्रियाएँ मिलीं वहीं कुछ ऐसी बातें भी कुछ लोगों ने कही जो हतोत्साहित कर सकती थीं लेकिन हम अपने आप को सभी प्रक्रियाओं से अप्रभावित रखते हुए अपने कर्तव्यपथ पर अग्रसर हैं | अप्रेल अंक प्रकाशित करते हुए हमे अत्यंत हर्ष तो है ही साथ ही हमारे सामने सामाजिक यथास्थिति का स्पष्ट चित्रण भी प्रस्तुत हो चुका है | हम यह स्पष्ट समझ चुके हैं की समाज की तरक्की मे बाधाएँ कुछ लोगों की संकुचित दृष्टि के अलावा समाज मे काम कर रहे लोगों का एक दूसरे के प्रति मनभेद भी है| यह एक बुरी स्थिति है न सिर्फ समाज केलिय अपितु समाज केलिए अच्छा सोचने वाले सभी लोगों केलिए यह सबसे ज्यादा बड़ी चुनौती है | मतभेद बातचीत से दूर किए जा सकते हैं लेकिन मनभेद दूर करने का कोई स्पष्ट तरीका नहीं दिखाई देता जब तक ये समाज मे काम करें वाले बड़े लोग एकदूसरे के प्रति आदर नहीं रखेंगे समाज बहुत ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाएगे |

हमारे अनुभव से हमने यह जाना है की समाज के युवाओं को आगे आना होगा और नई इबारत लिखना होगी | समाज का साधारण आदमी अपनी ज़िंदगी की असाधारण लड़ाई लड़ने मे व्यस्त है वहीं समाज के विशेष लोग अपने अहंकार की तुष्टिकारण मे व्यस्त हैं | समाज की बड़ी बड़ी संस्थाओं के पास समाज के छोटे छोटे लोगों की छोटी छोटी समस्याओं केलिए समय नहीं है | समाज की सभी संस्थाएं अपनी आंतरिक समस्याओं मे उलझ चुके हैं और अगर समाज उनसे यह उम्मीद रखता है की वे समाज की समस्याओं पर कोई समाधानमूलक विचार विमर्श करेंगे या समस्याओं को पहचानने का प्रयास करेंगे तो यह समाज के साधारण नागरिकों की भूल होगी | साधारण लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्वयम जागरूक होना होगा, समाज के युवा ही समाज को आगे लेजा सकते हैं लेकिन वह तभी संभव हो पाएगा जब समाज का युवा अपने आपको इन संगठनों की आपसी खीचातान से स्वयं को अलग रख कर नई दृष्टि के साथ सामाजिक चिंतन मे योगदान देना आरंभ करेगा | “विमर्श” इसी भावना से तेयार है की आप सब के सहयोग से समाज के लिए अपनी और से थोड़ा सा प्रयत्न किया जाए और समाज के लोगों को संगठित करने मे प्रयासरत समाज सेवकों को वैचारिक प्लेटफॉर्म दिया जा सके | उम्मीद और आशा है की आपका आशीर्वाद और सहयोग इस कार्य मे प्राप्त होता रहेगा |

देश अभी कठिन समय का सामना कर रहा है | कोरोना नामक गंभीर संक्रामक बीमारी ने पूरे विश्व को दहला रखा है | आज पूरे समाज को इस संकट का सामना दूर रहकर एकजुटता से करना होगा | यह घरों मे रहने का समय है | विमर्श आपसे यह प्रार्थना करता है कि अपने परिवार के साथ रहें, खुद केलिए समय ही समय हे इसलिए स्वाध्याय करें, सामाजिक चिंतन करें, और समाज केलिए कोई नई रह निकालें जहां से समाज अपने संस्कृतिक वैभव कि गरिमा और आधुनिक समय कि गति के मध्य संतुलन बनाने मे सक्षम हो सकें| धन्यवाद |

आत्मपरिचय

पेशे से सॉफ्टवेअर प्रोजेक्ट मैनेजर, दिल से लेखक और मिजाज से कवि | ख़्वाहिश समाज को, खास कर युवाओं को (जिसमे हमारी बेटियाँ भी शामिल हैं) आपने मनचाहे आसमान मे ख़्वाहिशों और होसलों के पंख फैलाये उड़ते देखना | यह भी प्रयास है कि हमारा समाज अपनी व्यक्तिगत क्षमताओं को सामूहिक क्षमताओं मे परिवर्तित कर समाज उत्थान और समाज के लोगों की समस्याओं को सुलझाने मे अपना योगदान दे सकूं |

मास्टर इन कम्प्युटर एप्लिकेशन (MCA),
मास्टर इन हिन्दी लिट्रेचर (MA, साहित्य)
, एम.एस.पी.सी.ए.डी. (माइक्रो सॉफ्ट, यूएस)
, पी॰एस॰एम॰ (scrum॰org, यूएस)
, बेचलर ऑफ लॉं (LLB ऑनर)
, बेचलर ऑफ कॉमर्स (B. COM.)

प्रदीप वर्मा (हैहयवंशीय)
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