संस्मरण : हैहयवंश शिरोमणि डॉ श्री लखनलाल ताम्रकार

चुनौतियाँ और अवसर व्यक्ति विशेष

हैहयवंश शिरोमणि: डॉ श्री लखनलाल ताम्रकार आत्मज स्व श्री शंकर लाल जी  ताम्रकार 

मध्यप्रदेश में भगवान श्री राजराजेश्वर श्री सहस्रार्जुन जी की प्राचीन माहिश्मती के नाम से पहिचाने जाने वाली, मोक्ष दायिनी रेवा मैया के किनारे बसी नगरी मंडला के मंडला के प्रतिष्ठित व्यापारी एवं मालगुजार  हैहयवंशीय श्री सेठ अधारीलाल जी ताम्रकार के परिवार में स्व श्री शंकरलाल जी ताम्रकार की धर्मपत्नी श्रीमती स्वर्गीय श्रीमती यशोदा बाई   ने 07 दिसंबर 1930 में एक कुल दीपक को जन्म दिया । जिसने आगे चलकर अपने व्यक्तिव और कार्यव्यवहार से हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज को गौरवान्वित किया ।  हम इस संस्मरण के माध्यम से आपका परिचय करा रहे हैं डॉक्टर श्री लखनलाल जी ताम्रकार से । 

जन्मभूमि कर्मभूमि 

आपने प्राथमिक एवं हायर सेकेंडरी की शिक्षा अपनी जन्म स्थली मंडला से पुर्ण करने के, पश्चात संस्कारधानी के नाम से विख्यात जबलपुर नगर के, शासकीय पशु चिकित्सा एवं पशु पालन विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर मध्य प्रदेश से शिक्षा प्राप्त कर वर्ष 1954 में स्नातक की डिग्री प्राप्त करते हुए वर्ष  1955 में पशु चिकित्सक के पद पर शासकीय सेवा में कार्य शूरू किया । वर्ष 1957 में राष्ट्रीय सामुदायिक विकास परियोजना में विकास कार्यों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर डिप्लोमा का प्रमाण पत्र प्राप्त किया । मध्यप्रदेश शासन में शासकीय सेवा करते हुए उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाओं के पद पर रहते हुए वर्ष 31 दिसंबर 1988 में सेवानिवृत्त हुए । 

सक्रिय समजसेवी 

आयुर्वेद चिकित्सा एवं होम्योपैथी चिकित्सा में रुचि रखने के कारण ” आयुर्वेद रत्न “ एवं ” इलेक्ट्रो होम्योपैथी “ की परीक्षाएं उत्तीर्ण कर प्रमाण पत्र प्राप्त किए । चिकित्सा विज्ञान में रुचि रखने के कारण आपको निरंतर निर्धन एवं गरीबों की सेवा करने का अवसर भी प्राप्त होता रहा । आपको ज्योतिष एवं बागवानी में भी रुचि होने के कारण शेष समय का सदुपयोग भी करते रहे । अपने व्यस्ततम जीवन से समय निकाल कर समाज सेवा के क्षेत्र में भी संलग्न रहे । आपने शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति उपरांत समाज सेवा कार्य करने का पूरा मन बना लिया । जिसके चलते आपने समाज के प्रत्येक मुहल्लों में स्वजातीय बंधुओं को एकत्र कर हर माह बैठक करा कर सामाजिक चेतना जागृत की । 

लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्टिक सागर के अध्यक्ष

आप अंतर्राष्ट्रीय सेवा संस्था लायंस क्लब इंटरनेशनल की सदस्यता ग्रहण की समाज हित में विभिन्न सेवा कार्यक्रमों में भाग लेते रहे । उत्कृष्ट कार्यों के लिये आपको वर्ष 2009 में लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्टिक सागर का अध्यक्ष मनोनीत किया गया । इस संस्था में अध्यक्ष रहते हुए समाज में सेवा कार्यक्रमों जैसे नेत्र चिकित्सा परीक्षण शिविर का आयोजन होम्योपैथी चिकित्सा शिविर का आयोजन एवं निशुल्क दवाओं के वितरण का आयोजन किया । साथ ही बाल सुधार गृह में भोजन व्यवस्था, वस्त्र वितरण, पुस्तिकाएं एवं पाठ्य सामग्री का वितरण, स्कूल में वृक्षारोपण आदि जैसे कार्यक्रमों का आयोजन आपने अपने स्तर से किया । 

अनेक पुरस्कारों से सम्मानित

लायंस क्लब में उत्कृष्ट समाज सेवा के कार्यक्रमों के कारण आपको समय समय अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया । शिक्षण संस्था सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षा समिति लक्ष्मीपुरा से जुड़ने के कारण आपको सरस्वती शिशु मंदिर लक्ष्मीपुरा का अध्यक्ष चुना गया । संस्था का अध्यक्ष रहते हुए संस्था को प्राइमरी स्कूल स्तर से हायर सेकेंडरी स्कूल स्तर तक पहुंचाने का काम आपके द्वारा किया गया । संस्था के चार कमरे वाले कच्चे मकान से 20 कमरों वाला दो मंजिला पक्का भवन के निर्माण का कार्य आपने अपने कुशल प्रबंधन में कराया । संस्था के कुशल प्रबंधन एवं संचालन के कारण शहर सागर में संस्था को श्रेष्ठ शालाओं में पहचान मिली । सरस्वती शिशु मंदिर में 10 वर्ष तक अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला । समाज सेवा कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए आपको  अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन का आजीवन सदस्य बनाया गया । 

हैहयवंशी ताम्रकार कसेरा समाज समिति मध्य प्रदेश का मार्गदर्शक सदस्य

आपको हैहयवंशी ताम्रकार कसेरा समाज समिति मध्य प्रदेश का मार्गदर्शक सदस्य मनोनीत किया गया । विशेष सेवा कार्यों में दूरदर्शन टीवी नेशनल चैनल में विष्णु पुराण सीरियल के प्रसारण पर रोक लगाने में आपके द्वारा प्रयास किए गए, जिसमें आप ने फिल्म निर्देशक श्री बी आर चोपड़ा मुंबई द्वारा वर्ष 2002 में विष्णु पुराण का प्रसारण दूरदर्शन टीवी नेशनल चैनल में किया जा रहा था सीरियल क्रमांक 43 में सीरियल क्रमांक 61 में राजराजेश्वर कार्तवीर्यार्जुन के विषय में आपत्ति जनक संवाद एवं अपमानजनक आचरण का प्रसारण किया जा रहा था । 

जिससे हैहयवंशी क्षत्रिय समाज की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची जिसके लिए आपने सीरियल विष्णु पुराण के प्रसारण पर रोक लगाने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आर के जायसवाल जी से संपर्क किया तथा उनके निवास इलाहाबाद में लगातार 3 दिन तक बैठकर, विष्णु पुराण टीवी सीरियल के प्रसारण पर रोक लगाने के लिए तमाम मेहनत की और एवं माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में जनहित याचिका श्री जायसवाल जी की अधिवक्ता में के माध्यम से दाखिल की गई माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में जनहित याचिका का नोटिस जारी किया । 

प्रसारण रुकवाने में आपने सफलता

टीवी सीरियल विष्णु पुराण में भगवान राजराजेश्वर कार्तवीर्यार्जुन के विषय में फैलाई जा रही भ्रांतियों का निवारण कर स्पष्ट किया गया परिणाम स्वरुप उक्त सीरियल का प्रसारण रुकवाने में आपने सफलता प्राप्त की विष्णु पुराण सीरियल के प्रसारण पर रोक लगवा कर हैहयवंशी क्षत्रिय समाज के लिए बहुत बड़ा कार्य किया । वर्ष 2010 में सरस्वती शिशु मंदिर में अध्यक्ष रहते हुए ताम्रकार समाज की तीन छात्र छात्राओं को हायर सेकेंडरी तक स्वयं स्वयं के व्यय पर निशुल्क रूप से अध्ययन में अपना पूर्ण योगदान दिया एवं निर्धन बालक एवं निर्धन कन्याओं को प्राथमिक कक्षा तक शिक्षा प्रदान करानें में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन किया । 

लोगों की मदद मे तल्लीन 

ताम्रकार समाज के 5 शिक्षित बेरोजगार युवकों को पशु चिकित्सालय विभाग में शासकीय सेवा में नियुक्त कराया । वर्ष 2005 में समाज के एक पैथोलॉजी टेक्निशियन को पैथालॉजी आरंभ करने हेतु आपने उसके लिए जीवन यापन के लिए आर्थिक रूप से मदद कर उसके परिवार को सहायता प्रदान की । समाज की बेरोजगार महिला को सरस्वती शिशु मंदिर लक्ष्मीपुरा में आपने शिक्षिका के पद पर नियुक्ति करा कर समाज हित में कार्य किया । आपके द्वारा अनेक पुस्तकों के माध्यम से भगवान राजराजेश्वर कार्तवीर्यार्जुन की महिमा को समाज की जानकारी हेतु ग्रंथों से, वेद, पुराणों का अध्ययन कर प्रकाशन कराया गया जिसमें समाज के प्रत्येक परिवार में भगवान राजराजेश्वर कार्तवीर्यार्जुन की महिमा और उनकी पूजा अर्चना का सार बताया गया । 

आपने सागर ताम्रकार समाज के अध्यक्ष पद पर रहते हुए समाज को, सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक रूप से निरंतर आगे बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान देकर सागर नगर की समाज को बहुत आगे ले जाने के लिए अपनी सेवाएं प्रदान की ।

हैहयवंशी चंद्रकांत ताम्रकार 

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