Category: काव्य

टेसुई यादें

टेसुई यादें फिर वसंत ने भेज दियाएंक खतमौलश्री के नाम ! सिलसिला फिर शुरु होगामनुहार कानेह-निष्ठ...

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टेसू राग

टेसू राग टेसू बिन फागुन न होय बसंत ऋतु आते ही अनायास लाल – लाल टेसुओं की याद हो आती है। बनन...

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फिर धार किसलिए

फिर धार किसलिए फिर धार किसलिए मुश्किल में जब कोई कामं न आये ।जीवन का बोलो फिर सार किसलिए। लिखा...

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रंग वसंत के

रंग वसंत के (एक)कचनारी देह मेंपलाश रख गयी बयारवसंत आते आते! अंतस् के आँगन मेंअमलतास बौराएचाह के...

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