फगुनहटा होली

फगुनहटा होली जब फगुनहटा कुछ तेज चले, समझो होली तब आई है।जब घर घर गुझिया,पापड़ बने, समझो होली तब आई है। जब पिचकारी की हाट सजे,जब रंगबालो की शाॅप सजे ,जब मेवा, मावा साथ बिके,समझो होली तब आई है। जब फगुनहटा कुछ तेज चले,समझो होली तब आई है ।। जब गली गली मे आग जले,फागुन […]

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क्या खता हुई जो मुस्कुरा न सके

क्या खता हुई जो मुस्कुरा न सके क्या वजह थी जो गम को छिपा न सके इस जवां दिल में जिंदादिली बनाए रख ऐ साथी ये जहां है जहां आंखो ने आंसुओं को भी पनाह न दी मोहब्बत है दीवानों सी जिसे हम पा न सके हुई खता जो हमसे दोबारा चाह न सके करना […]

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हिंदी की अभिलाषा

हिंदी की अभिलाषा (राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के सुअवसर पर)   विश्व की प्राचीन भाषा, सरल और समृद्ध भाषा, गर्व है,हूँ मैं हिंदीभाषी, हिंदी है मेरी मातृभाषा। देश की संस्कृति की छवि, संस्कारों का प्रतिबिंब है, विनयपूर्ण शब्दों से सज्जित, यह भाषा शान-ए-हिंद है। मधुरता और सरसता का, वेग है, ये प्रवाह है, मेरे देश की […]

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