अच्छी शुरुआत का अज्ञात अंत

यह हमने अक्सर देखा होगा, समाज मे बहुत से मुद्दों पर चर्चाएं होती रहती है । एक स्वाभाविक प्रक्रिया के अनुरूप विचारों का आदान-प्रदान होता है और जब बात कुछ ज्यादा देर चल जाती है तो एक अच्छी शुरुआत मान कर उस दिन की चर्चा को विराम दे दिया जाता है । यह इसलिए अच्छी […]

Continue Reading

दानशीलता की अच्छाई और बुराई

दानशीलता का विषय अच्छाई/बुराई के बीच शुरु से झुल रहा है  फिर भी कोई भी सामाजिक अथवा धार्मिक  और सार्वजनिक कार्य बिना चंदे के नही चलते हैं | समाज से दान प्राप्त होता है  तभी आज तक बदस्तुर चल रहे हैं | अधिकतम, देने वाला एक परंपरा मान निर्वाह करता है तथा “इसका क्या होगा” […]

Continue Reading

अक्षय तृतीया – लोक जीवन की अभिव्यक्ति

सभ्यता मनुष्य की बाह्य प्रवत्ति मूलक प्रेरणाओं से विकसित हुई है। मनुष्य की अंतर्मुखी प्रवत्तियों से जिस तत्व का निर्माण होता है,यही संस्कृति कहलाती है। संस्कृति लोकजीवन का दर्पण होती है।जीवन में संतुलन बनाए रखना संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है। छत्तीसगढ़ के लोकजीवन की अभिव्यक्ति बनकर आता है अक्ति का त्योहार। अक्ती यानी अक्षय […]

Continue Reading

पृथ्वी पर जीवन समाप्त हुआ तो

विश्व पर्यावरण दिवस  पृथ्वी पर जीवन समाप्त हुआ तो उसका कारण प्रदूषण होगा..  5 जून को 1974 में सयुंक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाना शुरू किया पृथ्वी और वायुमंडल को बचाने के लिए यह सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन हैं। इस आयोजन के आरंभ होने की तिथि पर मेरा जन्म दिवस भी आता है […]

Continue Reading

नए तरीके से समाज सेवा

कुछ दिन पूर्व मेरे एक परिचित पर दोहरा संकट आया, कोरोना ने रोजगार छीन लिया और स्कूल वालों ने बच्चों से बिना फीस जमा किये ऑनलाइन क्लास अटेंड करने का अधिकार । मेरा मित्र और उसका परिवार अत्यंत दुखी हुआ । उसकी स्थिति देख कुछ मित्रों ने मिलकर सहायता तो कर दी लेकिन यह सहायता […]

Continue Reading

हर एक व्यक्ति का योगदान है जरूरी

हर एक व्यक्ति का योगदान है जरूरी दुनिया के बड़ेबड़े नेता, उद्योगपति, धनाढ्य लोग अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाते हैं । एलन मस्क जो लोगों को अंतरिक्ष की सैर करवाने हेतु अपनी स्पेसएक्स कंपनी का अंतरिक्ष यान बना रहे हैं, ज्योफ बेजोस ने रिटेल व्यापार करने के तरीके बदल दिए और […]

Continue Reading

सहानुभूति एवं दानशीलता

सहानुभूति सामाजिक जीवन में सहानुभूति, सौहार्द का मानवीय संवेदनाओं में एक विशेष सहयोगत्मक स्थान होता है| सामाजिक जीवन में हम सहानुभूति, सौहार्द, पुर्ण व्यवहार से समाज के अन्य मित्रों, सहयोगियों, रिश्तेदारों, के दुख दर्द, कष्ट में सहानुभूति के शब्दों माध्यम से उनके दुख दर्द में सहभागिता दर्शाते हुए, अपनी भावनाऐ, संवेदनाएं, व्यक्त करते है| वास्तव […]

Continue Reading

समाज, संगठन और सहयोग 

समाज, संगठन और सहयोग  (सम सामयिक)  हमारा हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज मूलत: मजदूरी और व्यवसाय से जुड़ा हुआ समाज है । समय के साथ तेजी से बदलते परिदृश्य के बावजूद आज भी लगभग 30% से अधिक स्वजातीय परिवार  मजदूरी करके जैसे तैसे अपना गुज़र बसर कर रहे हैं । मार्च 2020 से कोरोना महामारी के चलते […]

Continue Reading

विपस्सना

साक्षित्व भाव का योग है विपस्सना आतिजाति श्वास को बस देखना । इस पर देह उस पर है चैतन्य श्वास के हर छंद पर नज़र रखना। स्वयं में फिर हो जाएं मौन सागर भाव तरंगों का छोड़ यह झुनझुना। में देह नही, मैन नही, न श्वास हूँ में हूँ प्रत्यक्ष प्रतीति आत्म-चेतना। श्वास झरोखे में […]

Continue Reading

आदरपूर्ण श्रद्धांजलि

आदरपूर्ण श्रद्धांजलि स्व. श्री प्रकाशचंद्र सिंह हैहयवंशी (मुन्ना फौजी) मुन्ना फौजी, ऐसा व्यक्तित्व जो बिना प्रत्यक्ष मिले भी आपको अपना बना लें । सोशल पटल पर सामूहिक चर्चाओं में अगर आपसे बात होने लगे तो कुछ ही समय मे आपसे  उनके अपनत्व भरे संबंध हो जाते हैं, सामाजिक विषयों पर स्पष्ट विचार, समाज के लिये […]

Continue Reading

वर्चुअली प्रार्थना सभा आयोजित

हैहयवंशीय क्षत्रिय केंद्रीय संचालन समिति ने की  वर्चुअली प्रार्थना सभा प्रेस विज्ञप्ति – 25 अप्रैल, 2021 कोरोना महामारी की भेंट चढ़े हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज के लोगों की आत्मा की शांति के लिए अखिल भारतीय हैहयवंशीय क्षत्रिय केंद्रीय संचालन समिति ने की  वर्चुअली प्रार्थना सभा।  जय राज राजेश्वर कोरोना महामारी के चलते प्रतिदिन हमारे अपने एक-एक […]

Continue Reading

विश्वास और आशा जगाए रखें

विश्वास और आशा जगाए रखें  एक सुबह होगी …… जब लोगों के कंधों पर ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं दफ्तर का बैग होगा, गली में एंबुलेंस नहीं स्कूल की वैन होगी, और भीड़ दवाखानों पर नहीं चाय-नाश्ते की दुकानों पर होगी, एक सुबह होगी ….. जब पेपर के साथ पापा को काढ़ा नहीं चाय मिलेगी, दादाजी बाहर निकल कर बेखौफ पार्क में गोते लगाएंगे,और […]

Continue Reading

प्रकृति के साथ एकाकार

तबला वादक एवं प्रकृति उपासक श्री देवेंद्र सक्सेना, कोटा के जन्मदिवस पर एक भेंटगिरिराज सुधा, कोटा माँ की कोख सेप्रकृति की गोद मेंपल्लवित, पोषित होतुम हुए दिव्यता के साथ एकाकारसांसारिक रिश्तों के पारतुम्हारे अवतरण कीहरित रोशनी में आतृप्त हुईयह सम्पूर्ण प्रकृतिदिव्यता के आगोश में लीन है। ताल मिलाते तुम्हारेमधुर थाप के स्वरप्राकृतिक अभिव्यंजना के साथवाद, […]

Continue Reading

सुन विद्यार्थी

योग व ध्यान जिंदा रख, सम्यक पहचान जिंदा रख। आत्मस्थ हो साधक बन, वैदिक शान जिंदा रख। जीवन मुक्ति दीप जला, सत्व अनुष्ठान जिंदा रख। ज्ञानपंथ का तू खड़ग , आत्मोउत्थान जिंदा रख। गर्व, दृढ़ता, संयम, व्रत, पवित्र साधन जिंदा रख। शिष्य से शिवत्व की और, उन्मत्त उड़ान जिंदा रख। तू जिज्ञासु आर्थार्थी, ज्ञान कमान […]

Continue Reading

प्यार की बरसात हो

जिंदगी  में बस प्यार की बरसात हो।इश्क़ करने वालों का सुखी संसार हो ।जिंदगी में बस कोइ भी भूँखा न रहे कोइ प्यासा न रहे।घर में हर दिवस दिवाली सा त्यौहार हो ।जिंदगी में बस लोगों में सद्भावना हो आपस में प्यार हो।आपस में गले मिलें  ईद  सा त्यौहार हो।जिंदगी में बस आपस में भाईचारा […]

Continue Reading

फिर से

अपाहिज बनकर रह गये थे मानो पक्षियों के पर काट दिए हो पैर होते हूए भी कदम रूक से गये थे धरती मानो समा गई हो पाताल मे आकाश भी खामोश नजर आ रही थी डर इस कदर घर कर गया था मानो जंगल वीरान सा हो गया हो कटीली झाड़ियां, सूखे वृक्ष सूखे पत्ते […]

Continue Reading

जान लेता हूँ

है अगर  खता  मेरी तो  यार  मैं मान लेता हूँ।भीड़ में अच्छे और बुरे को मैं पहचान लेता हूँ।ताकतवर  है मुकाबिल तो में जान लेता हूँ।तानकर सीना उससे  जंग की ठान लेता हूँ। देखकर लिफाफा खत में लिखा जान लेता हूँ।है दिल में प्यार किसके कितना जान लेता हूँ।मुश्किलों में जो काम आता सदा भाता  […]

Continue Reading

दान का मतलब

सामान्यतया आदमी दान का मतलब किसी को धन देने से लगा लेता है धन के अभाव में भी आप दान कर सकते हैं। तन और मन से किया गया दान भी उससे कम श्रेष्ठ नहीं।  किसी भूखे को भोजन, किसी प्यासे को पानी, गिरते हुए को संभाल लेना, किसी रोते बच्चे को गोद में उठा […]

Continue Reading

युवाओं की अपेक्षाएं

आज के समय में कसेरा समाज में वैवाहिक स्थिति बहुत ही खराब है । नौजवान युवक एवं युवतियां अच्छे रिश्तो की तलाश में, जीवन के बहुमूल्य समय को खो रहे हैं। इस और ध्यान देने की बहुत जरूरत है इसको लेकर कोई योजना बनाई जाए।  समाज के सभी वर्गों से चाहे वृद्ध हो या युवा […]

Continue Reading

चुनाव लड़ने में पैसों की जरुरत

2017 नगर निकाय चुनाव मे हम सभी की निष्क्रियता के कारण शहरी क्षेत्रों में हम पिछलग्गू ही रहे। 2022 सामने है, हम दल को ताक पर रखे साथ ही 403 सीट पर दल टिकट दे वाह वाह अन्यथा सभी सीट पर हैहयवंशी जन सेवक को तैयार करे, 10000 कोई बड़ी बात नही है, प्रत्याशी बन […]

Continue Reading

फ्रंट लाइन का लाभ नहीं उठाया

आस्था सक्सेना ने फ्रंट लाइन का लाभ नहीं उठाया..18 प्लस के साथ ही वैक्सीन लगवाया कोटा 8 मई 2021, कोटा की बेटी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित गायिका ब्रांड एम्बेसेडर चिकित्सा विभाग आस्था सक्सेना 2 वर्ष की उम्र से ही अपने माता-पिता संगीता देवेंद्र के साथ संगीत योग एवं 2016 से बेटी बचाओ बेटी पढाओ  ब्रांड एम्बेसेडर […]

Continue Reading

चैन से न रह पाओगे

चैन  से  न  रह पाओगे हमारे एहसान याद कर। पछताओगे  हमे  अपने  दिल  से  निकाल  कर ।  चैन से न रह पाओगे कैसे खुश रहते हैं लोग माँ बाप से दूरियां बनाकर।  पाला किया बड़ा पढ़ाया लिखाया पसीना बहा कर। चैन से न रह पाओगे मुश्किलों से पा लोगे निजात यार देखना पल भर मे। […]

Continue Reading

अपने ज़िंदा होने का

अपने ज़िंदा होने का अब  एहसास करना होगा  तुमको ।  आग लगने वालो  को अब सबक सिखाना होगा तुमको ।अपने ज़िंदा होने का  हर  इक  साख पै  उल्लू  बैठे  हैं बर्बाद गुलिस्ता करने को।इनकी नश्ल को खत्म कर मुल्क को बचाना होगा तुमको।अपने ज़िंदा होने का छीन कर हक़  गरीबों का घर भरने जो यहां […]

Continue Reading

कद मैंने ख़ुद घटा लिया,  अपनी  उड़ान  का

“कद मैंने ख़ुद घटा लिया,  अपनी  उड़ान  का” रखता हूँ यार मैं तो दिल, नेक दिल इंसान का कद मैंने खुद घटा लिया अपने कद को ताड के पेड़ सा है बड़ा मत करना दिल सदा ही बड़ा रखना दरिया दिल इंसान का अपने कद को ताड़ के डालकर  मुश्किलों  में, अपनी हदें पार मत […]

Continue Reading