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आत्मा की आंखें: रामधारी सिंह दिनकर

राष्ट्रकवि ‘दिनकर’ की कविताओं में एक और ओज, विद्रोह और क्रांति की पुकार है तो दूसरी और कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति । वे संस्कृत, बांग्ला, अंग्रेजी और उर्दू भाषा पर आधिकारिक पकड़ रखते थे ।...

स्तंभ - बात किताबी

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आत्मा की आंखें: रामधारी सिंह दिनकर

राष्ट्रकवि ‘दिनकर’ की कविताओं में एक और ओज, विद्रोह और क्रांति की पुकार है तो दूसरी और कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति । वे संस्कृत, बांग्ला, अंग्रेजी और उर्दू भाषा पर आधिकारिक पकड़ रखते थे । पद्मविभूषण...

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