डिजिटल विमर्श

हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज के स्वर्णिम हस्ताक्षर : श्री रामसहाय हयारण “प्रचंड”

जीवन का " प्रचंड " परिचय मध्यप्रदेश के सागर जिले के मालथौन नामक एक छोटे से कस्बे के मूल निवासी रहे स्व.श्री नाथूराम जी की 2 पत्नियां थीं । आपकी प्रथम पत्नि स्व.श्रीमती मथुरा बाई से 2 पुत्र स्व.श्री रामलाल जी, स्व.श्री रामसहाय जी एवं स्व.श्रीमती...

समाज सेवा, साहित्य एवं काव्य जगत के साश्वत हस्ताक्षर : श्री लक्ष्मीनारायण “उपेन्द्र”

जन्म एवं पारिवारिक परिचय मध्यप्रदेश के सागर जिले की सबसे प्राचीन, कृषि एवं कृषि यंत्रों की उत्पादक तहसील के रूप में पहचान रखने वाली तहसील खुरई में 17 अक्तूबर 1952 को दीपावली की पूर्वसंध्या को, स्थानीय हैहयवंशीय क्षत्रिय परिवार में श्री गौरिशंकर जी...

केप्टिन श्रीकिशोर करैया

हैहवंशी क्षत्रीय ताम्रकार (कसेरा ) समाज के गौरवविलक्ष्ण प्रतिभा के धनी, केप्टिन श्री किशोर करैया ,होशंगाबादनिष्ठावान कर्तव्यनिष्ठ अग्रणी समाज सेवीकेप्टिन श्रीकिशोर करैया आत्मज स्वर्गीय श्री गोवर्धनजी (बाबुलालजी करैया )आप हैहयवंशी क्षत्रीय ताम्रकार...

स्तंभ - हमारी विभूतियाँ

Home » स्तम्भ » हमारी विभूतियाँ

समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों का जीवन परिचय

हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज के स्वर्णिम हस्ताक्षर : श्री रामसहाय हयारण “प्रचंड”

जीवन का " प्रचंड " परिचय मध्यप्रदेश के सागर जिले के मालथौन नामक एक छोटे से कस्बे के मूल निवासी रहे स्व.श्री नाथूराम जी की 2 पत्नियां थीं । आपकी प्रथम पत्नि स्व.श्रीमती मथुरा बाई से 2 पुत्र स्व.श्री रामलाल जी, स्व.श्री...

समाज सेवा, साहित्य एवं काव्य जगत के साश्वत हस्ताक्षर : श्री लक्ष्मीनारायण “उपेन्द्र”

जन्म एवं पारिवारिक परिचय मध्यप्रदेश के सागर जिले की सबसे प्राचीन, कृषि एवं कृषि यंत्रों की उत्पादक तहसील के रूप में पहचान रखने वाली तहसील खुरई में 17 अक्तूबर 1952 को दीपावली की पूर्वसंध्या को, स्थानीय हैहयवंशीय क्षत्रिय...

केप्टिन श्रीकिशोर करैया

हैहवंशी क्षत्रीय ताम्रकार (कसेरा ) समाज के गौरवविलक्ष्ण प्रतिभा के धनी, केप्टिन श्री किशोर करैया ,होशंगाबादनिष्ठावान कर्तव्यनिष्ठ अग्रणी समाज सेवीकेप्टिन श्रीकिशोर करैया आत्मज स्वर्गीय श्री गोवर्धनजी (बाबुलालजी करैया...

सेवा, शिक्षा और दानशीलता के पर्याय : श्री नन्दकिशोर जी बड़वार (ताम्रकार)

(7 फरवरी 22 वाँ पुण्य स्मरण) मध्यप्रदेश के सागर जिले की सबसे प्राचीनतम एवं बड़ी तहसील के रूप में विख्यात खुरई नगरी की पहचान सबसे उन्नत किस्म के गेंहू के उत्पादन और गुणवत्ता पूर्ण कृषि संयंत्रों के निर्माण के रूप में होती...

निष्काम कर्मयोगी: श्री हरीनारायण जी ताम्रकार

26 जनवरी 2021 (15 वीं पुण्यतिथि पर विशेष) मध्यप्रदेश के सागर की पहचान शिक्षाविद डॉ सर हरिसिंह गौर विश्वविधालय के लिये देश और दुनियाँ में होती है । झीलों की नगरी सागर के केशवगंज वार्ड में हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज के...

स्मृति शेष: परमपूज्य श्री प्रेमशंकर ताम्रकार “घायल”

स्मृति शेष: समाज-रत्न परमपूज्य श्री प्रेमशंकर ताम्रकार  “घायल” स्मृति शेष परमपूज्य श्री प्रेमशंकर ताम्रकार  “घायल” के श्री चरणों में सादर नमन करते हुए उनके कृतित्व व व्यक्तित्व का परिचय देते हुए...

टेक्स्ट की साइज़ सेट करें