Tuesday, April 13, 2021

सामाजिक चिंतन

समाज के प्रति नकारात्मक मानसिकता एवं सामाजिक अलगाव

प्राय देखा जाता है कि समाज में कुछ लोग की नकारात्मक सोच, पृवृति होकर, यह कहते पाये जाते हैं कि समाज ने हमारे लिए क्या किया है जो हम समाज को समय दे, या समाज को सहयोग करे. ऐसे लोग प़ाय समाज में रिश्ते सिर्फ अपने स्वार्थ के आधार पर रखते हैं, जहाँ इनका स्वार्थ […]

धर्म और संस्कृति

टेसू बिन फागुन न होय

बसंत ऋतु आते ही अनायास लाल – लाल टेसुओं की याद हो आती है। बनन – बागन में टेसुओं का फूलना और अन्य वृक्षों से पत्तों का झड़ना यह प्रकृति प्रदत्त उपहार है।आमों का बौर लगना ,कोयल का कूकना व खेतों में सरसों का लहलहाना एक खुशनुमा माहौल बनाता है।इसलिए तो बसंत को ऋतुराज कहा […]

आए फागुनवा के रीत मोरे ललनी

होली प्रतीक है दानवता पर मानवता, अज्ञानता पर ज्ञान और कटुता पर प्रेम की विजय का। वहीं होली पर गाए जाने वाले फाग गीत लोक जीवन को उत्साह –उमंग देने का एक जीवंत जरिया है। सच में छत्तीसगढ़ी फाग गीतों की अल्हड़ता हंसी ठिठोली और लोक सौंदर्य अभिभूत करने वाला है।

व्यक्ति विशेष

समाज सेवा, साहित्य एवं काव्य जगत के साश्वत हस्ताक्षर : श्री लक्ष्मीनारायण “उपेन्द्र”

जन्म एवं पारिवारिक परिचय  मध्यप्रदेश के सागर जिले की सबसे प्राचीन, कृषि एवं कृषि यंत्रों की उत्पादक तहसील के रूप में पहचान रखने वाली तहसील खुरई में 17 अक्तूबर 1952 को दीपावली की पूर्वसंध्या को, स्थानीय हैहयवंशीय क्षत्रिय परिवार में श्री गौरिशंकर जी हयारण की धर्मपत्नी श्रीमती श्याम बाई ने एक तेजस्वी और रूपवान बालक […]

केप्टिन श्रीकिशोर करैया

हैहवंशी क्षत्रीय ताम्रकार (कसेरा ) समाज के गौरव विलक्ष्ण प्रतिभा के धनी, केप्टिन श्री किशोर करैया ,होशंगाबाद निष्ठावान कर्तव्यनिष्ठ अग्रणी समाज सेवी केप्टिन श्रीकिशोर करैया आत्मज स्वर्गीय श्री गोवर्धनजी (बाबुलालजी करैया )आप हैहयवंशी क्षत्रीय ताम्रकार (कसेरा ) समाज के प्रदेश सचिव जैसे महत्व पूर्ण पद का भार कुशलता पूर्वक संभाल रहे है । समाज को […]

काव्य

हे संगीत परी तुम्हें प्रणाम

(सुश्री आस्था सक्सेना के जन्म दिवस पर) सागर की लहरों से उत्पन्न संगीत राग बंधो कीअमृतमयी सुर सीपियां, लहरियांहिरणों से इठलाते स्वर निर्बंध, मुक्त कभी मीरा, कभी कबीर, कभी सूर, तुलसी, श्याम, राधा को समर्पित भक्ति सुमन, मनौती कभी ज्वार सी उमड़ती, लौटती अविराम भव्य स्वर मुद्राएं ,विराट सौंदर्य की उपासना में भावों पर नृत्य […]

खास आपके लिए

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और कविताएं

फगुनहटा होली

फगुनहटा होली जब फगुनहटा कुछ तेज चले, समझो होली तब आई है।जब घर घर गुझिया,पापड़ बने, समझो होली तब आई है। जब पिचकारी की हाट सजे,जब रंगबालो की शाॅप सजे ,जब मेवा, मावा साथ बिके,समझो होली तब आई है। जब फगुनहटा कुछ तेज चले,समझो होली तब आई है ।। जब गली गली मे आग जले,फागुन […]

क्या खता हुई जो मुस्कुरा न सके

क्या खता हुई जो मुस्कुरा न सके क्या वजह थी जो गम को छिपा न सके इस जवां दिल में जिंदादिली बनाए रख ऐ साथी ये जहां है जहां आंखो ने आंसुओं को भी पनाह न दी मोहब्बत है दीवानों सी जिसे हम पा न सके हुई खता जो हमसे दोबारा चाह न सके करना […]

समाज के समाचार

वाराणसी के समाचार

गंगू शिवला में गंगेश्रर महादेव का वाषिक श्रृंगार एवं भव्य रुद्राभिषेक प्रसाद वितरण 11/3/2021दिन बृहस्पतिवार को गंगू शिवला में गंगेश्रर महादेव का वाषिक श्रृंगार एवं भव्य रुद्राभिषेक प्रसाद वितरण समान्न हुआ जिसमे मुख्य रूप से केन्द्रीय संचालन समिति दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं वाराणासी कसेरा महासभा के सभापति रामनरायन कसेरा उपसभापति सत्यनारायण जी केन्द्रीय संचालन […]