Sunday, July 25, 2021

सामाजिक चिंतन

दानशीलता की अच्छाई और बुराई

दानशीलता का विषय अच्छाई/बुराई के बीच शुरु से झुल रहा है  फिर भी कोई भी सामाजिक अथवा धार्मिक  और सार्वजनिक कार्य बिना चंदे के नही चलते हैं | समाज से दान प्राप्त होता है  तभी आज तक बदस्तुर चल रहे हैं | अधिकतम, देने वाला एक परंपरा मान निर्वाह करता है तथा “इसका क्या होगा” […]

समाज की खबरें

मिठाइयों के संदेश

प्रेषक: श्री गोपाल कसेरा (फोन: 8602699970) हमारी मिठाइयों पर गौर कीजिए, कुछ ना कुछ संदेश देती है, जैसे 1️⃣ *जलेबी* आकार मायने नहीं रखता, स्वभाव मायने रखता है, जीवन मे उलझने कितनी भी हो, *रसीले और मधुर रहो* ॰॰ 2️⃣ *रसगुल्ला* कोई फर्क नहीं पड़ता कि, जीवन आपको कितना निचोड़ता है, *अपना असली रूप सदा […]

बात छोटी अर्थ गहरे

विचारों से आगे

विचार किसी भी कार्य का आरम्भ है, जैसे किसी आलीशान भवन की नींव के पत्थर, नींव जितनी मजबूत होगी, भवन की उम्र उतनी ज्यादा, उसी तरह हमारे विचार जितने परिष्कृत होंगे हमारे कार्यों की सफलता उतनी ही सुनिश्चित होगी। प्रदीप

अच्छी शुरुआत का अज्ञात अंत

यह हमने अक्सर देखा होगा, समाज मे बहुत से मुद्दों पर चर्चाएं होती रहती है । एक स्वाभाविक प्रक्रिया के अनुरूप विचारों का आदान-प्रदान होता है और जब बात कुछ ज्यादा देर चल जाती है तो एक अच्छी शुरुआत मान कर उस दिन की चर्चा को विराम दे दिया जाता है । यह इसलिए अच्छी […]

धर्म और संस्कृति

अक्षय तृतीया – लोक जीवन की अभिव्यक्ति

सभ्यता मनुष्य की बाह्य प्रवत्ति मूलक प्रेरणाओं से विकसित हुई है। मनुष्य की अंतर्मुखी प्रवत्तियों से जिस तत्व का निर्माण होता है,यही संस्कृति कहलाती है। संस्कृति लोकजीवन का दर्पण होती है।जीवन में संतुलन बनाए रखना संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है। छत्तीसगढ़ के लोकजीवन की अभिव्यक्ति बनकर आता है अक्ति का त्योहार। अक्ती यानी अक्षय […]

टेसू बिन फागुन न होय

बसंत ऋतु आते ही अनायास लाल – लाल टेसुओं की याद हो आती है। बनन – बागन में टेसुओं का फूलना और अन्य वृक्षों से पत्तों का झड़ना यह प्रकृति प्रदत्त उपहार है।आमों का बौर लगना ,कोयल का कूकना व खेतों में सरसों का लहलहाना एक खुशनुमा माहौल बनाता है।इसलिए तो बसंत को ऋतुराज कहा […]

व्यक्ति विशेष

समाज सेवा, साहित्य एवं काव्य जगत के साश्वत हस्ताक्षर : श्री लक्ष्मीनारायण “उपेन्द्र”

जन्म एवं पारिवारिक परिचय  मध्यप्रदेश के सागर जिले की सबसे प्राचीन, कृषि एवं कृषि यंत्रों की उत्पादक तहसील के रूप में पहचान रखने वाली तहसील खुरई में 17 अक्तूबर 1952 को दीपावली की पूर्वसंध्या को, स्थानीय हैहयवंशीय क्षत्रिय परिवार में श्री गौरिशंकर जी हयारण की धर्मपत्नी श्रीमती श्याम बाई ने एक तेजस्वी और रूपवान बालक […]

केप्टिन श्रीकिशोर करैया

हैहवंशी क्षत्रीय ताम्रकार (कसेरा ) समाज के गौरव विलक्ष्ण प्रतिभा के धनी, केप्टिन श्री किशोर करैया ,होशंगाबाद निष्ठावान कर्तव्यनिष्ठ अग्रणी समाज सेवी केप्टिन श्रीकिशोर करैया आत्मज स्वर्गीय श्री गोवर्धनजी (बाबुलालजी करैया )आप हैहयवंशी क्षत्रीय ताम्रकार (कसेरा ) समाज के प्रदेश सचिव जैसे महत्व पूर्ण पद का भार कुशलता पूर्वक संभाल रहे है । समाज को […]

विमर्श मोबाईल एप

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कहानियाँ

कहानी: हाथ बाटना

रचनाकार – रामसहाय, अशरफाबाद, लखनऊ l एक सत्य बात हमेशा याद रखना, “दुआएं रद्द नहीं होती, बस बेहतरीन वक्त पर कबूल होती है” एक गाँव में एक मंदिर था l जिसमें भगवान राम, सीता, लछमन और हनुमान जी की मूर्तियां थी, पुजारी जी अकेले थे सो उन्होंने गाँव के एक किसान के लड़के को काम […]