डिजिटल विमर्श

हर्बल राज्य का सपना कब होगा साकार

छत्तीसगढ़ को विश्व का पहला “हर्बल राज्य” राज्य घोषित किया गया है। यह एक सकारात्मक पहल है। कल्पना की जा रही है कि हर्बल राज्य आर्थिक दृष्टि से संपन्न तो होगा ही होगा, इसका प्रशासनिक ढांचा भी चुस्त...

आत्मा की आंखें: रामधारी सिंह दिनकर

राष्ट्रकवि ‘दिनकर’ की कविताओं में एक और ओज, विद्रोह और क्रांति की पुकार है तो दूसरी और कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति । वे संस्कृत, बांग्ला, अंग्रेजी और उर्दू भाषा पर आधिकारिक पकड़ रखते थे ।...

ये हैं भविष्य के रोजगार, अपने बच्चों को करें तय्यार

जो लोग भविष्य की तैयारी वर्तमान में कर लेते हैं उनका भविष्य सफलतम समय देखता है । कोई खेल हो, जिंदगी के सपने हों, या रोजगार और अच्छे कैरियर की अभिलाषा, सफलता आज की आज नहीं मिलती । आज जिनको सफलता मिली है, उनकी...

समय से कदमताल

हर्बल राज्य का सपना कब होगा साकार

छत्तीसगढ़ को विश्व का पहला “हर्बल राज्य” राज्य घोषित किया गया है। यह एक सकारात्मक पहल है। कल्पना की जा रही है कि हर्बल राज्य आर्थिक दृष्टि से संपन्न तो होगा ही होगा, इसका प्रशासनिक ढांचा भी चुस्त दुरुस्त...

ये हैं भविष्य के रोजगार, अपने बच्चों को करें तय्यार

जो लोग भविष्य की तैयारी वर्तमान में कर लेते हैं उनका भविष्य सफलतम समय देखता है । कोई खेल हो, जिंदगी के सपने हों, या रोजगार और अच्छे कैरियर की अभिलाषा, सफलता आज की आज नहीं मिलती । आज जिनको सफलता मिली है, उनकी तैयारी...

टू व्हीलर निर्माताओं का स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर कदम

टू व्हीलर निर्माताओं  का  स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर कदमजब हम अपने बचपन को याद करते हैं   और पिताजी के साथ उन आनंदमय स्कूटर की सवारी को याद करते हैं, तो हम उसी पुराने स्कूटर की छवि बनाते हैं जिसमें आईसी इंजन होता...

यूथ प्रेरणा: युवा ही भारत को विश्वगुरु बना सकते हैं

मित्रो, नमस्कार !आप सबों का स्वागत है, हैहयवंशीय छत्रिय समाज की एकमात्र डिजिटल पत्रिका विमर्श के नए स्तंभ “युथ प्रेरणा” में जिसकी शुरुआत आजादी के 75 वर्ष के उपलक्ष में युवाओं को प्रेरित करने के नेक उद्देश्य...

हमारी विभूतियाँ

हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज के स्वर्णिम हस्ताक्षर : श्री रामसहाय हयारण “प्रचंड”

जीवन का " प्रचंड " परिचय मध्यप्रदेश के सागर जिले के मालथौन नामक एक छोटे से कस्बे के मूल निवासी रहे स्व.श्री नाथूराम जी की 2 पत्नियां थीं । आपकी प्रथम पत्नि स्व.श्रीमती मथुरा बाई से 2 पुत्र स्व.श्री रामलाल जी, स्व.श्री...

समाज सेवा, साहित्य एवं काव्य जगत के साश्वत हस्ताक्षर : श्री लक्ष्मीनारायण “उपेन्द्र”

जन्म एवं पारिवारिक परिचय मध्यप्रदेश के सागर जिले की सबसे प्राचीन, कृषि एवं कृषि यंत्रों की उत्पादक तहसील के रूप में पहचान रखने वाली तहसील खुरई में 17 अक्तूबर 1952 को दीपावली की पूर्वसंध्या को, स्थानीय हैहयवंशीय क्षत्रिय...

सेवा संस्मरण / बात किताबी

आत्मा की आंखें: रामधारी सिंह दिनकर

राष्ट्रकवि ‘दिनकर’ की कविताओं में एक और ओज, विद्रोह और क्रांति की पुकार है तो दूसरी और कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति । वे संस्कृत, बांग्ला, अंग्रेजी और उर्दू भाषा पर आधिकारिक पकड़ रखते थे । पद्मविभूषण...

सेवा संस्मरण: मेरे बाद

व्यक्तिगत, सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में उम्र के अंतिम पड़ाव पर..मेरे अंतर्मन में यह ख्याल बार-बार आता है, कि मेरे बाद, वर्षों से कभी न टूटने वाली चिर निद्रा में सोये मेरे बिखरे हुए हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज का ख्याल कौन...

बात है छोटी अर्थ हैं गहरे

दुःख और सुख मिल-बाँटकर हलके करें

हम सभी में एक ही आत्मा समाई हुई है। एक धागे में पिरोए हुए मनकों की माला की तरह हम सब परस्पर जुड़े और गूँथे हुए हैं। सुख को अकेले हजम करने वाला अंतरात्मा की धिक्कार का, परमात्मा के कोप का और विश्वात्मा के प्रतिशोध का...

जात न पूछो साधु की

किसी भी तालाब के पानी को गंदा होने में ज्यादा वक्त नही लगता, जबकि नदी का पानी अपनी रवानगी, अपने बहाव के कारण शुद्ध होता रहता है ।हमारा मस्तिष्क भी पोखर हो सकता है, तालाब हो सकता है, नदी हो सकता है और समुद्र भी हो सकता...

विचारों से आगे

विचार किसी भी कार्य का आरम्भ है, जैसे किसी आलीशान भवन की नींव के पत्थर, नींव जितनी मजबूत होगी, भवन की उम्र उतनी ज्यादा, उसी तरह हमारे विचार जितने परिष्कृत होंगे हमारे कार्यों की सफलता उतनी ही सुनिश्चित होगी।प्रदीप

सकारात्मक रहें – स्वस्थ रहें

मनोचिकित्सक की सलाह: सकारात्मक रहें – स्वस्थ रहें  कोरोना से जुड़ी ज्यादा खबरें ना देखे ना सुने , आपको जितनी जानकारी चाहिए आप पहले से ही जान चुके हैंकहीं से भी अधिक जानकारी एकत्र करने का प्रयास छोड़ें क्योंकि ये...

सामाजिक चिंतन

साहित्य सरोवर

हर गोली सीने पर झेलें…

हम क्रान्ति वीर वतन के दीवानेमौत मिले या मिले ज़िन्दगीडरना, घबराना क्या जाने?ग़दर, जंग, विद्रोह से खेलेंहर गोली सीने पर झेलेंसिर्फ लड़ें हम देश की खातिरदुश्मन को गन्ने-सा पेलें!क्रान्ति की बारूद जलाकरबम, पिस्तोल, तलवार...

सावन के स्वागत में

सावन के स्वागत में, बाँसुरी की तानें,कोयल भी कूक उठी, राग पूर्वा गाने।बूँदों की खुमारी से, अम्बुआ भी बहका,सृष्टि के यौवन से, मन उपवन दहका।घटा, मोर, पपीहे लगे गीत सुनाने,मनुहारें इन्द्रधनुषी, मधुरम मुस्कानें।तोड़ तट...

प्राणों को अर्पित करें – भारत माँ के नाम

स्वतन्त्रता संग्राम था, प्राणों का बलिदान,आज़ादी अब हो गई, सियासी घमासान।मुल्क, मशालें, अलविदा, प्राणों की थी सेज,सरफरोशी हसरतें, आज़ादी लबरेज़।बम, धमाके, इन्क़लाब, क्रान्ति, जाँ-निसार,आज़ादी देकर गये, कुर्बानी के यार।ज़ेल...

कविता: बेटियाँ

बिक गये घर कई, बिक गयी खेतियांबैठ पायी है डोली में तब बेटियां ।माँ की चूड़ी बिकी, बिक गयीं बालियांहाथ मेहँदी रचा पायी तब बेटियां ।हलवा, पूड़ी तो बेटो के खातिर बने,बॉसी रोटी चबाती रही बेटियां ।भैया, भाभी भी अपमान करते...

दुनिया की खिड़की

वृक्षों वनस्पति को संतान की तरह प्यार करें..

प्रजनन रोकें वृक्ष उगायें, शिक्षा और सहकार बढायें।। 11 जुलाई 2021 माननीय प्रधानमंत्री जी कह रहे हैं कि ”जन संख्या विस्फोट भविष्य के लिए खतरा है अपने परिवार को सीमित रखना भी देश भक्ति है।”  बिल्कुल सही कहा...

हमारी धरोहर: भाग दो

हैहयवंशीय गौरव वर्मास्तंभकार का एक संक्षिप्त परिचय नाम:गौरव वर्मा ( वर्तमान प्रवक्ता अंग्रेजी एवं पूर्व प्रधानाध्यापक ) निवास: नगर फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश। सम्मानित वरिष्ठ सदस्य- ' दीप ' ( साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं...

भारतीय भोजन से दूर होने के दुष्परिणाम

भारतीय भोजन से दूर होने के दुष्परिणाम इम्युनिटी पावर कैसे बनेगी, हर भारतीय गंभीर बीमारियों का शिकार – हर घर होंगा अस्पताल,शुरूआत हो चुकी है, बंद नही हुई मिलावट तो “बल, बुद्धि, पौरूष सब क्षीण” 40% आबादी...

पृथ्वी पर जीवन समाप्त हुआ तो

विश्व पर्यावरण दिवस पृथ्वी पर जीवन समाप्त हुआ तो उसका कारण प्रदूषण होगा.. 5 जून को 1974 में सयुंक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाना शुरू किया पृथ्वी और वायुमंडल को बचाने के लिए यह सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन...

धर्म और संस्कृति

रक्षा बन्धनः श्रवण नक्षत्र बिन बंधेगा इस बार रक्षा सूत्र

सत्य सनातन वैदिक हिन्दू धर्म  मे बहन-भाई के  पबित्र त्यौहार रक्षा बन्धन का बडा ही महत्व है इस पवित्र दिन की प्रतीक्षा बहने साबन मास के  आरम्भ होते ही करना आरम्भ कर देती है इस दिन बहनो  द्वारा अपने भाईयो तथा अशक्त लोगो...

अक्षय तृतीया – लोक जीवन की अभिव्यक्ति

सभ्यता मनुष्य की बाह्य प्रवत्ति मूलक प्रेरणाओं से विकसित हुई है। मनुष्य की अंतर्मुखी प्रवत्तियों से जिस तत्व का निर्माण होता है,यही संस्कृति कहलाती है। संस्कृति लोकजीवन का दर्पण होती है।जीवन में संतुलन बनाए रखना...

समाज की खबरें

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